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कीट

  मेलेनाग्रोमाईज़ा सोजे


प्रचलित नाम

  तना मक्खी

क्षति

  1. यह फोटो सोयाबीन की तना मक्खी की है।
  2. सोयाबीन का प्रमुख कीट है और 20-30 प्रतिशत तक हानि पहुंचाता है।
  3. यह कीट पत्तों पर अंडे देता है।
  4. अंडे से मेंगट निकलने पर वह सबसे निकटतम कोशिका को छेदती है।
  5. मेंगट उसके बाद तने को छेदती है।
  6. यदि संक्रमित तने को खोला जाए तो उसमें टेढ़ी-मेढ़ी लाल सुंरगे, मेंगट, प्यूपा देखे जा सकते है।
  7. मेंगट तने की बाहरी परत पर पलते है और जड़ों तक को खा सकते है जिससे पौधा मर जाता है।
  8. फूल और फल्ली बनने की अवस्था में आक्रमण करता है।

आई.पी. एम. 

  1. गर्मी में गहरी जुताई करें।
  2. प्रतिरोधक किस्में जैसे जे.एस-335, पी.के. 262, एन.आर.सी. 12, एम.ऐ.सी.एस. 124 को उगायें।
  3. मानसून के बाद बोनी करना चाहिए।
  4. अनुमोदित बीज दर ही अपनायें।
  5. अत्याधिक नाईट्रोजन उर्वरकों का उपयोग न करें।
  6. मिट्टी में पोटॉश की कमी पर पोटॉश खाद का उपयोग निश्चित होना चाहिए।
  7. खरपतवार नियंत्रण करें।
  8. जैविक नियंत्रण के लिए मकड़ी, छिपकली, मकोड़े, चिड्डे, आदि का बचाव करना चाहिए।
  9. सोयाबीन को अन्तर्रवत्तिय फसलें जैसे जल्दी पकने वाली अरहर या मक्का या ज्वार 4:2 के अनुपात में लगाए।
  10. रसायनिक नियंत्रण हेतू खंड देखे।
  11. फसल चक्र अपनाइये।

नियंत्रण

  1. रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  2. निम्नलिखित में से किसी भी एक कीटनाशक का उपयोग करें-:
  3. बोनी से पहले कार्बोफूरान 3 जी. को 30 कि.ग्रा / हे की दर से या क्षारीय फोरेट 10 जी. की दर से 10 कि.ग्रा /हे का भुरकाव करे।
  4. आक्सीमीटन मिथाईल 25 प्रतिशत ई.सी. 500 मि.लि. /हे की दर से 600-800 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  5. अंकुरण के दो सप्ताह के बाद डाईमेथोएट 30 प्रतिशत ई.सी. 750 मि.लि./हे 600-800 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  6. इन्डोसल्फान 35 ई.सी. 1200-1500 मि.लि /हे की दर से छिड़काव करें।
  7. मोनोक्रोटोफोस 36 एस. एल. 800 मि.लि/हे की दर से 600-800 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  8. ट्राईजोफॉस 40 ई.सी. 1000 मि.लि./हे की दर से 600-800 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  9. 25 ई.सी. क्वीनालफॉस 1000 मि.ली./हे की दर से छिड़काव करें।