FORMATION OF ISRAEL
https://t.me/GeoSight⦿ 1896 मै यूरोप मै इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन चल रहा था, सभी लोगो के मन मै नेशनलिस्ट भावना थी। यूरोप के देशों मै बहुत से यहूदी लोग रहते थे उन्होंने देखा कि इनके पास एक देश है जिसके साथ ये लोग इमोशनल सेंटिमेंट जोड पा रहे हैं तो यहूदियों के मन आया की हमारा Nationalist देश कहा है?
⦿ यहूदी लोग प्राचीन समय के है तो इन्होंने कहा की भगवान नै हमे promise किया था एक land जिसका नाम Palestine है, इन्होंने कहा palestine इसलिए हमारा देश है क्योंकि वहा एक Temple Mount है, और वो हमे bible मै भी promise किया गया है।
⦿ Theodor Herzl (Jew) नै स्विट्जरलैंड ने एक मुहिम चलाई जिसमे सभी यहूदी को एकजुट किया गया और मीटिंग हुई। इसमें निर्णय ये लिया गया की एक पॉलिटिकल मूवमेंट शुरू करने जा रहे है जिसका नाम ZIONISM है। (Zion means Temple mount)
⦿ Zionism के अंतर्गत सब यहूदी यूरोप को छोड़ कर वापिस अपने Temple Mount के आस पास के इलाके को occupie करके अपना देश बनाएंगे। लेकिन palestine उस समय Otoman empire (O.E) का हिस्सा था। तो फिर इन्होंने निर्णय लिया की palestine जाकर Palestinian अरब से जमीन खरीदेगे और वहां जाकर रहेंगे।
⦿ Ww1 के दौरान O.E लड रहा था ब्रिटेन और फ्रांस से जिसे वो हार गया 1918 मै। ब्रिटेन और फ्रांस OE से तेल लेना चाहते थे अपने इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के लिए इसलिए ये दोनो चाहते थे कि O.E, Ww1 हार जाए।
⦿ ब्रिटेन और फ्रांस दोनो OE को कंट्रोल करना चाहते थे, लेकिन वो उसे कालोनाइज नही कर सकते थे उस समय की परस्तीति के कारण, क्योंकि बाकी की कालोनाइज़ मै Anti Colonial movements चल रहे थे, इसलिए दोनो territory को छोटे छोटे हिस्सो मै बांट दिया, इसको इन्होंने Mandate System नाम दिया।
France -> Lebanon + Syria & Britain -> Palestine
⦿ France: Lebanon मै शिया माइनोरिटी थी और सुन्नी मेजोरिटी थी। फ्रांस नै अपने देश से ईसाई लोगो को लेबनान मै भर्ती करना शुरू कर दिया। जिससे ईसाई constituency वहा बन गई। सुन्नी लोगो की apeasment करके उनका विश्वास जीता और लोअर सुनियो को ईसाई बनाया।
⦿ British: 1896 से यहूदी यूरोप और बाकी जगह से migrate करके आ रहे थे और जमीन खरीद कर बस रहे थे। ब्रिटिश को Jews और Arabs दोनो को manage करना था। लेकिन 1920 - 1945 के बीच मै civil war चलती रही।
⦿ 1945 मै ww2 खत्म हुआ लेकिन ब्रिटिश के लिए palestine एक सिरदर्द बन चुका था। उसी समय UN का गठन हुआ। ब्रिटिश नै इस मुद्दे को UN को देदिया 1947 मै और ये एक इंटरनेशनल मुद्दा बन गया। UN नै Special Commision on Palestine बनाया जिसमे ये discuss हुआ कि palestine का अब क्या करना है।
UN नै 2 प्रस्ताव रखे जिसमे:
1. ये की Palestinian Arabs को ये जमीन देदे और यहूदियों को Worship Rights देेदे।
2. लेकिन यहूदियों नै legally आकर घर खरीदे है और काफी संख्या मै वहा रहते है। इसलिए Palestine को 2 हिस्सो मै बांट दिया जाए।
UN मै Nov 1947 मै वोटिंग हुई जिसमे बटवारा करने को बहुमत पराप्त हुई।
⦿ इसमें अमेरिका बहुत खुश हुआ क्योंकि अमेरिका की economy यहूदियों पर डिपेंड थी। ब्रिटेन और बाकी बड़े देशों को भी ये बात पता थी की यहूदी लोग काफी अमीर और बुद्धिमान है इनके मिश्रण से उनके देश की भी प्रगति होगी। इसके बाद अमरीका नै यहूदियों को बहुत सहायता प्रदान की अपना देश बनाने मै, और 1948 मै Israle बना।
⦿ Palestinian Arabs नै मिले हुए हिस्से मै अपना कोई देश नहीं बनाया लेकिन हुआ ये की बाकी के आस पास के अरब देश थे उन्हें ये पसंद नही आया की उनकी territory मै से निकाल कर एक यहूदियों को यहां बसा दिया। तो 1948 मै आस पास के अरब देशों नै israel par attack कर दिया ये 1st Arab - Israel युद्ध था। और 2 साल बाद UN नै इसे रोक दिया।
⦿ युद्ध के बाद बाकी अरब देशों मै छोटे छोटे resistent groups बनने लगे जिनका उद्देश्य israel को हटाना था। ये groups israel के साथ गोरिला पदीति से लड़ते थे। 1964 मै ये सारे छोटे ग्रुप मिल कर एक नया संगठन बनाया Palestine liberation Organisation (PLO) .
⦿ 1967 मै Israel नै एक war लडी जिसमे Egypt, labenon, syria और jordan को हराया। इसमें israel नै पहले अटैक किया था क्युकी सभी अरब देश मिलकर israel को attack करने की तयारी कर रहे थे और इन सब देशों से छोटे छोटे टुकड़े उठाकर अखंड israel बना लिया। Israel का 200% इलाका बढ गया पहले से।
⦿ !! PLO को बस सुन्नी देश ही सपोर्ट कर रहे थे इस समय तक IRAN गायब था क्युकी 1950 - 70 दशक तक ईरान USA का नौकर बना हुआ था। इस समय ईरान मै रज़ा शाह का rule था जो की अमेरिका का pupet था। 1979 मै ईरान मै एक रिवोल्यूशन हुआ रजा शाह को भगा दिया और एक शिया Religious Govt बन कर सामने आई।
अगर रिस्पॉन्स अच्छा रहा तो Hamas और Hisbulla फॉर्मेशन का भी बताऊंगा।
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